| Publisher |
The Kids Books |
| Publication Year |
2024 |
| ISBN-13 |
9788119745739 |
| ISBN-10 |
8119745736 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
First |
| Number of Pages |
64 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Dimensions (Cms) |
19.04X13X1 |
| Weight (grms) |
100 |
| Subject |
Literature & Fiction |
कुत्ते की कहानी मुंशी प्रेमचंद कल्लू कुत्ते के आश्चर्यजनक कारनामों की अनोखी कहानी। वह अपने संघर्ष, साहस, और चतुराई से अनेक बार लोगों की जान बचाता है। वह एक भाड़ में पैदा हुआ था। पंडित के याहाँ पला था लेकिन ब्रिटेन तक घूम आया। अख़बारों में उसकी ख़बरें छपती रहीं। फिर वह अपने उसी गाँव में लौट आया, जहाँ पैदा हुआ था। इसमें हास्य है, खौफ़ है, रोमांच है और जीवन के लिए ज़रूरी सीख भी।
Munshi Premchand
प्रेमचंद (३१ जुलाई १८८० – ८ अक्टूबर १९३६) हिन्दी और उर्दू के महानतम भारतीय लेखकों में से एक रहे हैं। उनका मूल नाम 'धनपत राय' था पर उन्हें 'नवाब राय' और 'मुंशी प्रेमचंद' के नाम से भी जाना जाता रहा है। उपन्यास के क्षेत्र में उनके योगदान को देखकर बंगाल के विख्यात उपन्यासकार शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने उन्हें उपन्यास सम्राट कहकर संबोधित किया थाी I प्रेमचंद ने हिन्दी कहानी और उपन्यास की एक ऐसी परंपरा का विकास किया जिसने पूरी सदी के साहित्य का मार्गदर्शन किया। आगामी एक पूरी पीढ़ी को गहराई तक प्रभावित कर प्रेमचंद ने साहित्य की यथार्थवादी परंपरा की नींव रखी। उनका लेखन हिन्दी साहित्य की एक ऐसी विरासत है जिसके बिना हिन्दी के विकास का अध्ययन अधूरा होगा। वे एक संवेदनशील लेखक, सचेत नागरिक, कुशल वक्ता तथा सुधी (विद्वान) संपादक थे।.
Munshi Premchand
The Kids Books