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| Publisher | HIND YUGM |
| Publication Year | 2020 |
| ISBN-13 | 9788194844419 |
| ISBN-10 | 819484441X |
| Binding | Paperback |
| Edition | First |
| Number of Pages | 110 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Dimensions (Cms) | 19.8 x 0.8 x 12.9 |
| Weight (grms) | 120 |
लम्हों के दामन में - कहते हैं कि वक़्त कभी नहीं रुकता, चलता ही रहता है अनवरत। क़दम-क़दम पर अपनी छाप छोड़ते हुए, यादों को सहेजते हुए बढ़ता रहता है आगे। वक़्त के इन्हीं खट्टे-मीठे पड़ावों को, लम्हों को, यादों को समेटने और सहेजने की एक कोशिश हुई है कविता-संग्रह ‘लम्हों के दामन में’ के माध्यम से। अपनी उम्र के चार महत्त्वपूर्ण पड़ावों की तरह ही कवि मन ने अपनी कविताओं में भी कल्पना की है जीवन के उन्हीं चारों पड़ावों की, उन्हीं यादों की, जहाँ कहीं बचपन की अठखेलियाँ हैं तो कहीं सखी-सहेलियाँ। कहीं यादों में कॉलेज के लड़कपन की महक है तो कहीं मुहब्बत और इश्क़ के रंगों से रची-बसी दीवानगी की दुनिया है। कहीं यादें बढ़ती उम्र को समझने की पुरज़ोर कोशिश में ख़ुद से उलझी हुई हैं तो कहीं जीवन के अंतिम मुकाम पर साँसों को और थामने की कोशिश है। इंद्रधनुषी रंगों से रचा-बसा कविता रूपी यादों का यह संसार सभी पाठक को अपना-सा लगेगा।.
Renu Anshul
HIND YUGM