| Publisher |
HIND YUGM |
| Publication Year |
2025 |
| ISBN-13 |
9788119555741 |
| ISBN-10 |
8119555740 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
1st |
| Number of Pages |
256 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Subject |
Comics, Mangas & Graphic Novels |
‘फिर मिलोगी’ सिर्फ़ एक प्रेम कहानी नहीं है, यह उस अनकहे मोह का आख्यान है जो जीवन की भीड़ में खोकर भी स्मृतियों में जीवित रहता है। वसुधा की शादीशुदा ज़िंदगी में सूनापन है, लेकिन उसका दिल एक ऐसे एहसास में उलझा है जो बरसों पहले किसी ट्रेन यात्रा में मिला था—एक ऐसा संयोग जो कल्पना-सी प्रतीत होता है, लेकिन दिल से मिटता नहीं।
मधु चतुर्वेदी की लेखनी संवेदना, सौंदर्य और स्त्री-मन की महीन परतों को गहराई से उकेरती है। उपन्यास भाषा में बहता है, दृश्य रचता है और पाठक के भीतर एक हूक छोड़ जाता है। यह किताब उन सबके लिए है जिन्होंने कभी किसी को खोया है, लेकिन भुला नहीं पाए।
Madhu Chaturvedi
मधु चतुर्वेदी एक गृहणी हैं और अपना रोज़नामचा अपने फ़ेसबुक पेज ‘Madhu’ पर लिखती हैं, जहाँ इन्हें 65 हज़ार से अधिक पाठक फॉलो करते हैं। मधु हिंदी में लिख रहीं समकालीन युवा स्त्री लेखिकाओं में सर्वाधिक लोकप्रिय हैं। मधु के लेखन में स्त्री जीवन की समकालीन दुनिया मुखर रूप में उपस्थित है। यह इनकी पहली किताब है।
Madhu Chaturvedi
HIND YUGM