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Ranjish He Sahi

Author :

Ahmed Faraz

Publisher:

Rekhta Publication

Rs299

Availability: Available

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Publisher

Rekhta Publication

Publication Year 2025
ISBN-13

9788198986689

ISBN-10 8198986685
Binding

Paperback

Number of Pages 178 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 300
Subject

Poetry

रंजिश ही सही अहमद फ़राज़ की कालजयी शायरी का प्रतिनिधि संकलन है, जिसमें मोहब्बत और जुदाई के ग़म के साथ-साथ इंक़लाब और इंसानियत की आवाज़ भी गूंजती है। उनकी शायरी में जहाँ रूमानी पहलू दिल को छूता है, वहीं सामाजिक और राजनीतिक सच्चाइयों पर की गई उनकी बेबाक अभिव्यक्ति उन्हें औरों से अलग बनाती है। फ़राज़ की ग़ज़लों और नज़्मों में इश्क़ की नज़ाकत और हक़ की आवाज़ का संगम मिलता है, जो उन्हें उर्दू शायरी की सबसे सशक्त आवाज़ों में शामिल करता है। इस संग्रह में शामिल रचनाएँ फ़राज़ की उस जज़्बाती और इंक़लाबी शायरी को सामने लाती हैं, जो उन्हें अपने समय का ही नहीं बल्कि आने वाली नस्लों का भी पसंदीदा शायर बनाती हैं। उनकी शायरी में दर्द की गहराई और उम्मीद की रोशनी दोनों साथ चलते हैं। यह किताब पाठकों को न सिर्फ़ मोहब्बत के मीठे और कड़वे अनुभवों से जोड़ती है, बल्कि उन्हें ज़माने की नाइंसाफ़ियों के ख़िलाफ़ उठती आवाज़ से भी रूबरू कराती है। रंजिश ही सही उन तमाम चाहने वालों के लिए एक ख़ास तोहफ़ा है, जो शायरी में इश्क़ और इंसानियत दोनों तलाशते हैं।

Ahmed Faraz

अहमद फ़राज़ (1931–2008) उर्दू अदब के उन शायरों में गिने जाते हैं, जिन्होंने मोहब्बत और इंक़लाब दोनों को अपनी शायरी का हिस्सा बनाया। उनका असली नाम सैयद अहमद शाह था, और वे पाकिस्तान के कोहाट (अब खैबर पख़्तूनख़्वा) में पैदा हुए। बचपन से ही अदब और शायरी की तरफ़ रुझान रहा, और फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ से गहरी प्रेरणा पाई। उनकी शायरी में रूमानी जज़्बात के साथ-साथ हक़ और इंसाफ़ की आवाज़ भी बुलंद होती है। इसी वजह से वे न सिर्फ़ एक मोहब्बत के शायर माने गए, बल्कि एक सच्चे इंक़लाबी शायर भी कहलाए। फ़राज़ की ग़ज़लों और नज़्मों की ख़ासियत उनकी सादगी, मधुरता और असरदार अल्फ़ाज़ हैं, जो सीधे दिल को छू जाते हैं। वे पाकिस्तान आर्ट्स काउंसिल के निदेशक रहे और कई साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित हुए, जिनमें हिलाल-ए-इम्तियाज़ और सितारा-ए-इम्तियाज़ प्रमुख हैं। उनकी किताबें जैसे रंजिश ही सही, ख़्वाब गुलाब के, तन्हा तन्हा और जनन जनन आज भी उर्दू शायरी के चाहने वालों के दिलों में ज़िंदा हैं। उन्हें आधुनिक उर्दू शायरी का सबसे अहम और असरदार शायर माना जाता है।
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