Soor Sansar (Hb)

Author :

SANJAY KUMAR

,

Sudhir Chandra

Publisher:

Rajkamal Prakashan

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Publisher

Rajkamal Prakashan

Publication Year 2020
ISBN-13

9789389598346

ISBN-10 9389598346
Binding

Hardcover

Number of Pages 254 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 20 x 14 x 4
Weight (grms) 430

संगीत पर, शास्त्रीय संगीत पर हिन्दी में बहुत कम सामग्री प्रकाशित है : उसकी आलोचना और रसिकता की कोई व्यवस्थित परम्परा भी नहीं बन सकी। शास्त्रीय संगीत के रसिक सम्प्रदाय में अनेक विधाओं के लोग भी शामिल रहे हैं। उन्हीं में से एक हैं इतिहासकार सुधीर चन्द्र जिनकी संगीत की समझ, संवेदना और व्याख्या को कई लोग जानते रहे हैं। उनके अनुभवों, स्मृतियों, समझ आदि को सहेजते हुए यह सुर-संसार प्रस्तुत करते हुए हमें प्रसन्नता है।


 


—अशोक वाजपेयी

SANJAY KUMAR

Sudhir Chandra

वर्षों से सुधीर चन्द्र आधुनिक भारतीय सामाजिक चेतना के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करते रहे हैं। राजकमल से ही प्रकाशित—हिन्दू, हिन्दुत्व, हिन्दुस्तान (2003), गाँधी के देश में (2010), गाँधी: एक असम्भव सम्भावना (2011), रुक्माबाई: स्त्री, अधिकार और कानून (2012), बुरा वक्त अच्छे लोग (2017), भूपेन खख्खर: एक अन्तरंंग संस्मरण (2020) के बाद हिन्दी में यह उनकी नयी पुस्तक है। अँग्रेज़ी में उनकी पुस्तकें—डिपेंडेंस एण्ड डिसइलूज़नमेंट: नेशनल कांशसनेस इन लेटर नाइन्टींथ सेंचुरी इण्डिया (2011), कांटिन्युइंग डिलेमाज़: अण्डरस्टैंडिंग सोशल कांशसनेस (2002), एंस्लेव्ड डॉटर्स: कॉलोनियलिज़्म, लॉ एण्ड विमेन्स राइट्स (1997) और द ऑप्रेसिव प्रज़ैन्ट: लिटरेचर एण्ड सोशल कांशसनेस इन कॉलोनियल इण्डिया (1992)। सुधीर चन्द्र देश-विदेश के अनेक अकादेमिक संस्थानों से सम्बद्ध रहे हैं।
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