नारी अपने रिश्तों का निर्वाह कैसे करे

Author:

Chitra Garg

Publisher:

V & S Publisher

Rs156 Rs195 20% OFF

Availability: Available

    

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Publisher

V & S Publisher

Publication Year 2009
ISBN-13

9789381448724

ISBN-10 9381448728
Binding

Paperback

Edition FIRST
Number of Pages 188 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 21x13x1
Weight (grms) 238

भारतीय समाज में एक महिला की महत्वपूर्ण भूमिका है। वह पूरे परिवार में एक अग्रणी के रूप में कार्य करती है, जिसके चारों ओर परिवार की सभी समस्याओं का समाधान किया जाता है, और परिवार के सभी सदस्यों के साथ उचित सामंजस्य रखने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी उसके पास है। उसे सौभाग्यशाली कहा जाता है। वह वास्तव में घर की रानी है। 


आज की तेज भागती जिंदगी में रिश्ते जटिल हो गए हैं। विभिन्न प्रकार के स्वार्थ, ईर्ष्या, द्वेष, हटने की प्रवृत्ति या नीचा दिखाना, इस भंवर जाल से गुजरना पड़ता है। इस युग में, एक महिला जो सभी प्रकार के संबंधों को बहुत अच्छी तरह से बनाए रख सकती है, उसे इस युग में सफल कहा जाएगा। रिश्ते को मजबूत बनाए रखें, उनमें निरंतरता बनाए रखें, वे सुख और समृद्धि लाने में मदद कर सकते हैं, फिर समझें कि महिला ने अपने जीवन के शक्तिशाली किले को जीत लिया है। 


वास्तव में, यह पुस्तक रिश्तों के रख-रखाव के संबंध में एक सफल गृहिणी कहे जाने का मार्ग प्रशस्त करती है और यह बताती है कि पति-पत्नी, बहनोई, ननद, बहू, सास-बहू, मां-बेटी, बेटों, दोस्तों के अलावा, ससुराल के रिश्तों में तालमेल और आत्मीयता कैसे बनाए रखें, कामकाजी महिलाएं घर के बाहर पुरुष सहकर्मी और अधिकारियों के साथ कैसा व्यवहार करती हैं, गरिमा कैसे बनाए रखें प्रेमी या मंगेतर के साथ। ये सभी उल्लिखित पथ वास्तव में आपको सही दिशा देंगे।

Chitra Garg

चित्रा गर्ग लगभग २८ वर्षो से निरंतर लेखन से जुडी है। उनकी कहानियां तथा अन्य रचनाए विभिन्न प्रतिश्ठ पत्र-पत्रिकाओं मे निरंतर प्रकाशित होती रहती है। बाल कथाएं तो वह लिखती ही है, इसके अतिरिक्त विज्ञान, हस्तशिल्प, पाक-कला, भ्रमण, कैर्रिएर, जीवनी और मार्शल आर्ट सहित अनेक विषयो पर उन्होंने काम किया है। इस तरह उनकी 35 से भी अधिक पुस्तके अब तक प्रकाशित हो चुकी है। वह दूरदर्शन के लिए भी अनेक कार्यक्रमों का निर्माण तथा निर्देशन कर चुकी है। देश-विदेश की यात्राओं मे उनकी बड़ी रूचि है। अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, जर्मनी आदि देशो मे जाकर वह खूब घूमी-फिरी है।
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