| Publisher |
Manjul Publishing House Pvt Ltd |
| Publication Year |
2023 |
| ISBN-13 |
9789355438058 |
| ISBN-10 |
9355438052 |
| Binding |
Paperback |
| Number of Pages |
178 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Weight (grms) |
150 |
| Subject |
Hinduism |
इस कहानी का प्रारंभ 15000 ईसा पूर्व से होता है जहाँ पर रुद्र अपने साथियों के साथ कैलाश पर्वत की ओर बढ़ रहे हैं। रुद्र का जीवन बड़ा ही रहस्यमयी है। उनके विषय में जितना जानते जाओ, रहस्य उतने ही गहरे होते जाते हैं। हिमाचल के मंतलाई नाम के स्थान पर रुद्र की भेंट मंतलाई की राजकुमारी और राजा हिमान की पुत्री शिवी से होती है। धीरे-धीरे दोनों में प्रेम बढ़ता है और उनके विवाह की बात होने लगती है। किंतु रुद्र एक वनवासी हैं एवं शिवी एक राजकुमारी । शिवी की माता मीना को यह संबंध स्वीकार नहीं है। इतना ही नहीं राजा सुधांत के रूप में मंतलाई के द्वार पर एक भयावह संकट का आगमन हो चुका है। रुद्र और शिवी की प्रेम कथा कठिन परिस्थितियों का सामना कर ही रही थी कि तभी कनखल नरेश प्रजापति भी महाराज हिमान को रुद्र के विषय में एक ऐसी जानकारी देते हैं कि मानो हिमान के चरणों के नीचे से किसी ने आधार खींच लिया हो। शिवी और रुद्र का अटूट प्रेम कैसे अपने परिणाम तक पहुँचेगा; इसी रोचक यात्रा का नाम है 'आदिदेव - विश्व की प्रथम प्रेम कथा ।'
Prashant Dixit
प्रशांत दीक्षित का जन्म मध्यप्रदेश के सागर जिले में हुआ। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सागर से ही पूर्ण की एवं उसके बाद विदिशा के शासकीय इंजीनिरिंग कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त की। ये वर्ष 2013 से कौशल विकास विभाग मध्यप्रदेश के अंतर्गत संचालित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। कौशल विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों हेतु इन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। 2024 में महामहिम राष्ट्रपति द्वारा इन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2024 प्रदान किया गया।
Prashant Dixit
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