| Publisher |
Vani Prakashan |
| Publication Year |
2014 |
| ISBN-13 |
9788181433351 |
| ISBN-10 |
8181433351 |
| Binding |
Hardcover |
| Number of Pages |
144 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Weight (grms) |
350 |
| Subject |
Healthy Living & Wellness |
विश्वविख्यात नेत्र विशेषज्ञ और नेत्र शल्यचिकित्सक डॉ. आर. के. कपूर द्वारा लिखित इस विलक्षण हिन्दी पुस्तक में आँखों की सभी महत्त्वपूर्ण बीमारियों और उनकी पूरी देखभाल के बारे में पहली बार दैनिक जीवन से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी गई है। आँख के हर पहलू पर प्रकाश डाला गया है:
• आँख की पुतली की बनावट • आँख के आम संक्रामक रोग • दुर्घटनाएं और आँख में चोट • मोतियाबिंदु • ग्लोकोमा • भैंगापन • कॉर्निया का प्रतिरोपण • रेटिना और विट्रियस की बीमारियां • निकटदृष्टिता • चश्मे और कॉनटैक्ट लेन्स • दैहिक विकार और आँख • कैंसर और आँख • परिवार नियोजन और आँख • शारीरिक रोग, व्यायाम और आँख • होम्योपैथी, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, चुम्बकीय चिकित्सा और आँख • काजल, सुरमे आदि का उपयोग और आंख • आँख में प्रदूषण, धूल, धुआं और रेत • प्रकाश व्यवस्था, पढ़ाई और आँख • आँख के मानदंड • ड्राइविंग परीक्षा, वर्णांधता और आँख : टेलीविजन, वीडियो, फिल्म का परदा, कम्प्यूटर तथा अन्य कार्यालय मशीनें और आँख • नेत्र शिविर हमारे देश में अंधता की रोकथाम और सामुदायिक सेवा • विश्व टेक्नॉलॉजी में आधुनिक प्रगति और अमेरिका, रूस, जापान, चीन, यूरोप, यू.के. आदि में नेत्रचिकित्सा विज्ञान में रोगनिदानकारी प्रगति... और अन्य उपयोगी सामग्री ।
साथ में अनेक ज्ञानवर्धक रंगीन और सादे चित्र, जो विषय को और सरल बना देते हैं। हमारी मातृभूमि के प्रत्येक नागरिक के लिए आँखों की पूरी देखभाल के बारे में एक विशेष पुस्तक, जो यह बात साबित कर देती है कि आँख है तो जहान है, नहीं तो कुछ भी नहीं ।
इस लोकोपयोगी पुस्तक को हिन्दी में सम्पादित किया है
डॉ. सुकमाल जैन ने ।
Dr. R.K. Kapoor
Dr. R.K. Kapoor is a renowned scholar and one of the most eminent and successful homoeopaths of the country who hardly needs introduction. His latest book on ‘Control AIDS Thru Homoeopathy’ has already aroused a high expectancy in homoeopathic circles because of his public lectures at national and international forums where he had revealed some of the sensational discoveries made by him for eradicating the deadly disease. He has a string of achieve-ments to his credit in academic fields related to Homoeopathy and they have won him accolades from the highest dignitaries of the land. It is his desire that the researchers engaged in the field of HIV/AIDS find a solution to conquer the virus. He feels that they should not hesitate to exchange their opinion with those of the field of Homoeopathy if necessary.
Dr. R.K. Kapoor
Vani Prakashan