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| Publisher | HIND YUGM |
| Publication Year | 2026 |
| ISBN-13 | 9788169516082 |
| ISBN-10 | 8169516080 |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 224 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Weight (grms) | 195 |
| Subject | Contemporary Fiction |
प्यार हमेशा पूरा होकर ही प्यार नहीं बनता। कुछ रिश्ते दोस्ती और प्रेम के बीच कहीं ठहर जाते हैं, कुछ साथ रहकर भी नाम नहीं पाते, और कुछ वर्षों की दूरी, चिट्ठियों और इंतज़ार के बावजूद भीतर बने रहते हैं। ‘ऑलमोस्ट प्यार’ ऐसी ही अधूरी, बेनाम और बदलते समय के साथ बदलती मोहब्बतों की कहानियों का संग्रह है।
दिव्य प्रकाश दुबे इन कहानियों में प्रेम को किसी आदर्श तस्वीर की तरह नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की ज़िंदगी के बीच देखते हैं—जहाँ शादी, करियर, दूरी, आकर्षण, दोस्ती, अकेलापन और इच्छाएँ लगातार रिश्तों की परिभाषाएँ बदलते रहते हैं। कहीं किसी रिश्ते को बस ‘रहने देना’ प्यार से भी बड़ी बात बन जाता है, तो कहीं वर्षों का इंतज़ार एक पूरी कहानी रच देता है।
अपनी सहज भाषा, हल्के हास्य और गहरी भावनात्मक परतों के साथ ‘ऑलमोस्ट प्यार’ उन रिश्तों की किताब है जो पूरे न होकर भी हमारे भीतर पूरे बने रहते हैं।
Divya Prakash Dubey
HIND YUGM