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| Publisher | Vani Prakashan |
| Publication Year | 2026 |
| ISBN-13 | 9788166841491 |
| ISBN-10 | 8166841495 |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 123 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Weight (grms) | 150 |
| Subject | Poetry |
इश्क़ के सात पड़ाव' केवल एक कविता-संग्रह नहीं, बल्कि रूह के उस रास्ते का सफ़र है जहाँ पैर नहीं, दिल चलता है। प्रिया मलिक की ये नज़्में सूफ़ी प्रेम के उन सात मुक़ामों की मुकम्मल दास्तान हैं जो 'दिलकशी' की पहली नज़र से शुरू होकर, 'उन्स' और 'इबादत' से गुज़रती हुई 'फ़ना' की आख़िरी दहलीज़ तक ले जाती हैं। यहाँ जिस्म की नहीं, ‘मैं’ की मौत होती है, जहाँ ख़ुदी दम तोड़ती है और 'मैं' से 'हम' तक का सफ़र ख़ुद-ब-ख़ुद तय हो जाता है। सहज, सरल और मर्मस्पर्शी भाषा में बुनी गयी ये कविताएँ हर उस दिल के लिए दुआ हैं जो इश्क़ को इबादत-सा मुसलसल जीना चाहता है। जब इश्क़ सातों पड़ाव पूरे कर इबादत सा मुसलसल, दुआ -सा मुकम्मल हो तब वह इश्क़ सूफ़ी हो जाता है, तब वह इश्क़ सूफ़ी हो जाता है।
Priya Malik
Vani Prakashan