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Mohabbat Ki Dukaan - मोहब्बत की दुकान

Author :

Yashwant Vyas

Publisher:

Yuvaan Books

Rs144 Rs160 10% OFF

Availability: Available

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Publisher

Yuvaan Books

Publication Year 2025
ISBN-13

9789348497475

ISBN-10 9348497472
Binding

Paperback

Edition First
Number of Pages 105 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 17.5 X 11.5 X 1
Weight (grms) 100
Subject

Contemporary Fiction

मोहब्बत की दुकान दुकान अगर हुई तो सौदे की रेट लिस्ट भी होगी। रेट लिस्ट है तो प्रॉफिट का हिसाब भी होगा। जो मोहब्बत में भी प्रॉफिट निकाल ले उसे इश्क़ की इल्लत पालने की बजाय परचून का धंधा खोल लेना चाहिए। एक सांस में पढ़ जाने लायक बतकहियों का खाता खोलती जुमलों के दौर की जानलेवा कहानियां यशवंत व्यास नए प्रयोगों के लिए चर्चित व्यंग्यकार पत्रकार. बोसकीयाना, कवि की मनोहर कहानियां, चिंताघर, कामरेड गोडसे, ख्वाब के दो दिन, अपने गिरेबान में, कल की ताज़ा ख़बर, अमिताभ का अ, अब तक छप्पन, इन दिनों प्रेम उर्फ लौट आओ नीलकमल, यारी दुश्मनी, जो सहमत हैं सुनें आदि किताबें. कई मीडिया उपक्रमों में प्रमुख रहे. कई सम्मान. डेढ़ दशक से प्रतिष्ठित अख़बार अमर उजाला के समूह सलाहकार नए माध्यमों पर कुछ अनूठे प्रयोगों में व्यस्त.

Yashwant Vyas

"यशवंत व्यास जन्म : 6 मार्च, 1964 नए प्रयोगों के लिए चर्चित व्यंग्यकार-पत्रकार। जो सहमत हैं सुनें, चिंताघर, अपने गिरेबान में, अमिताभ का अ, कामरेड गोडसे, इन दिनों प्रेम उर्फ़ लौट आओ नीलकमल, यारी-दुश्मनी, ख़्वाब के दो दिन, अब तक छप्पन, कल की ताज़ा ख़बर, हिट उपदेश : द बुक ऑफ़ रेजर मैनेजमेंट आदि किताबें। हाल में शायर-फ़िल्मकार गुलज़ार के साथ चर्चित किताब बोसकीयाना; यारी-दुश्मनी, तथास्तु, रसभंग और नमस्कार जैसे लोकप्रिय कॉलम। किताबों में दो उपन्यास शामिल, दोनों पुरस्कृत। विभिन्न मीडिया उपक्रमों में सम्पादक, सलाहकार और संस्थापक की भूमिकाएँ। लेखन के लिए शरद जोशी राष्ट्रीय सम्मान। एक दशक से प्रतिष्ठित अख़बार अमर उजाला के समूह सलाहकार और नए माध्यमों पर कुछ अनूठे प्रयोगों में व्यस्त जिनमें से एक है—खटाक फ़िक्शन सीरीज़, जो डिजिटल और प्रिंट के साझे की दोस्ताना कारीगरी है।"
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