| Publisher |
VANI PRAKSHAN |
| Publication Year |
2026 |
| ISBN-13 |
9789373488554 |
| ISBN-10 |
9373488554 |
| Binding |
Hardcover |
| Number of Pages |
72 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Weight (grms) |
150 |
| Subject |
Comics, Mangas & Graphic Novels |
42 साल तक एक अस्पताल में बेज़ुबान, लावारिस-सी पड़ी दामिनी का मामला संवेदनहीनता और लापरवाही की कहानी है, ये दामिनी एक अकेली दामिनी नहीं है, आज हमारे समाज में बहुत-सी महिलाओं ने इसी तरह के दर्दनाक अनुभवों का सामना किया है, जिनके साथ न्याय नहीं हुआ। ये किताब उन सवालों को और दृढ़ता से लिखना चाहती है जहाँ हम ये पूछते हैं क्या महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों को गम्भीरता से लिया जा रहा है? क्या महिलाओं की सुरक्षा न केवल क़ानूनी नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव का सवाल भी बन चुकी है? क्या हमारा क़ानूनी तंत्र और समाज उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति कभी गम्भीर होगा? हर वर्ष एक आक्रोश एक कैंडल मार्च कर के हम अपनी ज़िम्मेदारी पूरी तरह निभा लेते हैं? घटनाएँ फिर भी हो रही हैं तब से अब तक जो मजबूर करती हैं एक जीवन को इच्छा-मृत्यु के लिए।
Ansu Harsh
अंशु हर्ष
अंशु हर्ष पिछले 14 वर्षों से लेखन और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे लगातार 14 वर्षों से ‘सिम्पली जयपुर’ मैगज़ीन और ‘वॉइस ऑफ़ जयपुर’ की पब्लिशर एवं सम्पादक के रूप में साहित्यिक और सांस्कृतिक दुनिया को दिशा दे रही हैं। एक रचनात्मक लेखिका के रूप में उनके चार काव्य-संग्रह प्रकाशित हुए हैं, शब्दों का समन्दर, ए प्लेटोनिक लव, समन्दर दी ओशन और तुम ठाकुर मेरे ।
पुस्तक सम्पादन के क्षेत्र में भी उनका योगदान महत्त्वपूर्ण रहा है। उन्होंने जीवन प्रबन्धन गुरु पण्डित विजय शंकर मेहता की पुस्तकों 2020 में ‘कोरोना जंग की सप्तपदी’ और 2021 में ‘कहानियाँ जीवन की’, 2024 में ‘स्वास्थ्य रामायण’ का सम्पादन किया। इसके अलावा, उन्होंने 2022 में डॉ. आइवान माइसनर के प्रसिद्ध ‘Business Lessons’ का हिन्दी अनुवाद ‘नॉलेजप्रेन्योर’ शीर्षक किताब में किया। वर्ष 2023 में उनका लेखन कार्य महाभारत के हनुमान पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुआ, जिसने उन्हें साहित्य जगत में और भी सशक्त पहचान दिलायी ।
Ansu Harsh
VANI PRAKSHAN