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| Publisher | Manjul Publishing House Pvt. Ltd. |
| Publication Year | 2026 |
| ISBN-13 | 9789373171111 |
| ISBN-10 | 9373171119 |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 106 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Dimensions (Cms) | 21.6 x 14 x 1.2 |
| Subject | Poetry |
हर रात के बाद सवेरा ज़रूर होता है ज़िंदगी में कभी-कभी वे पल भी आते हैं, जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं, कोई आशा की किरण नहीं दिखाई देती और अपने भी साथ छोड़ जाते हैं। ऐसे में भीतर कहीं धीरे से आवाज़ उठती है, ‘अभी सब कुछ ख़त्म नहीं हुआ...’ ख़ुदकुशी से ठीक पहले सिर्फ़ एक ग़ज़ल संग्रह नहीं, बल्कि भावनाओं का एक लंबा सफ़र है, जहाँ हर टूटन के बीच उम्मीद जन्म लेती है। उजाले की किरण दिखती है। जहाँ इंसान फिर से जीवन को चुन लेता है। पहले तो वह दुनिया को कोसता है मगर आख़िरकार उसका हर दर्द और आँसू रोशनी में बदल जाता है।
Poornima Jaiswal
Manjul Publishing House Pvt. Ltd.