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| Publisher | Manjul Publishing House Pvt. Ltd. |
| Publication Year | 2025 |
| ISBN-13 | 9789373175676 |
| ISBN-10 | 937317567X |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 88 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Dimensions (Cms) | 21 x 14 x 1 |
| Subject | Poetry |
तलातुम लेखक का पहला प्रकाशित संग्रह है। मूल रूप से उर्दू में लिखी गयी इस शायरी को प्रस्तुत पुस्तक में हिंदी (देवनागरी) और हिंगलिश में लिखा गया है। तलातुम का शाब्दिक अर्थ है 'समुन्दर में उठने वाला तूफ़ान' मगर शायरी में इसे 'मन और हृदय की बेचैनी या भावनात्मक उतार-चढाव' के लिए उपयोग किया जाता है। इस पुस्तक में श्री मलिक द्वारा लिखी गयी चुनिंदा ग़ज़लें और नज़्में संजोयी गयी हैं जो जिन्दगी के उतार-चढ़ाव को अपने अंदर समेटती हैं। तपते सेहराओं में फूलों के सिवा कुछ भी नहीं पास मेरे तेरी यादों के सिवा कुछ भी नहीं शायरी क्या है बस हाल बयानी दिल की मेरी ग़ज़लों में तो आहों के सिवा कुछ भी नहीं
Jafar Malik
Manjul Publishing House Pvt. Ltd.