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| Publisher | LOKBHARTI PRAKASHAN |
| Publication Year | 1994 |
| ISBN-13 | 9788180315749 |
| ISBN-10 | 8180315746 |
| Binding | Hardcover |
| Number of Pages | 126 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Dimensions (Cms) | 22 X 14 X 1 |
प्रस्तुत पुस्तक ‘लोक-संस्कृति और इतिहास’ के प्रथम लेख में इतिहासकारों का लोक-संस्कृति से कटाव, बौद्धिक-ज्ञान और जन-ज्ञान के बीच निरन्तर चौड़ी और गहरी होती खाई की समस्या पर विचार व्यक्त किए गए हैं।
दूसरे लेख में पूर्वी लोक-चेतना में राष्ट्रवाद के प्रतिदर्श का अध्ययन और अखिल भारतीय राष्ट्रवाद से इसके सम्बन्धों के स्वरूप एवं द्वन्द्व को भी समझने का प्रयास किया गया है।
तीसरे लेख में दन्तकथाओं को इतिहास की संघटनाओं से जोड़कर देखने का प्रयत्न किया गया है।
बाद के अन्य लेख लोक-कवित्तों, मुहावरों, गीतों, लोकायनों तथा लोक-संस्कृति के विविध रूपों के माध्यम से लोक-चेतना में प्रवेश करने का प्रयास है।
यह पुस्तक इतिहास, सामाजिक विज्ञान, लोक-संस्कृति के अध्येताओं के छात्रों के लिए उपयोगी तो है ही, साथ ही साथ आम पाठकों के लिए भी बेहद महत्त्वपूर्ण है।
Badri Narayan
LOKBHARTI PRAKASHAN