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| Publisher | Rekhta Publication |
| Publication Year | 2026 |
| ISBN-13 | 9788168891739 |
| ISBN-10 | 8168891732 |
| Binding | Paperback |
| Number of Pages | 209 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Weight (grms) | 300 |
| Subject | Poetry |
"विजेंद्र सिंह ‘परवाज़’ का ग़ज़ल-संग्रह ‘फूल अच्छे हैं’ मोहब्बत, इंसानी रिश्तों और समाज की सच्चाइयों को शायरी में पिरोने की एक ख़ूबसूरत कोशिश है। परवाज़ अपनी रूमानी और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी ग़ज़लों के लिए जाने जाते हैं। उनकी शायरी में इश्क़ की गहराई और जुदाई का दर्द है, तो दूसरी ओर वक़्त के बदलते मिज़ाज, सामाजिक दोहरेपन और इंसान के संघर्ष की झलक भी मिलती है। उनके शेर रोज़मर्रा की ज़िंदगी के अनुभवों को असरदार अंदाज़ में बयान करते हैं। कहीं मोहब्बत के सामने खड़ी मज़हबी दीवारों का एहसास है, कहीं टूटते ख़्वाबों की कसक, तो कहीं झूठ के बाज़ार में अपनी सच्चाई बचाए रखने की जद्दोजहद। उनकी भाषा की सादगी, ख़यालों की गहराई और कहने का बेबाक अंदाज़ शेरों को दिल के क़रीब ले आता है। मुशायरों में अपनी ख़ास पहचान रखने वाले परवाज़ की ग़ज़लें सुनने वालों पर गहरा असर छोड़ती हैं। ‘फूल अच्छे हैं’ उनके ऐसे ही शेरों का संग्रह है, जिसमें प्रेम की कोमल भावनाओं के साथ जीवन और समाज को देखने वाली एक जागरूक नज़र भी दिखाई देती है।"
विजेंद्र सिंह ‘परवाज़’
Rekhta Publication