Buy Puchhte Hain Wo Ki Ghalib Kaun Hai - Ghalib ke 100 She'ron Ki Vyaakhya, 9789394494169 at Best Price Online - Buy Books India

Puchhte Hain Wo Ki Ghalib Kaun Hai - Ghalib ke 100 She'ron Ki Vyaakhya

Author :

Farhat Ehsas

Publisher:

Rekhta Publication

Rs249

Availability: Available

Shipping-Time: Usually Ships 3-5 Days

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

Rekhta Publication

Publication Year 2022
ISBN-13

9789394494169

ISBN-10 9394494162
Binding

Paperback

Language (Hindi)
Weight (grms) 105
Subject

Literary Theory, History & Criticism

ये किताब ग़ालिब के सौ अशआर और उनकी व्याख्या का संकलन है| अशआर के चयन में मशहूर के साथ-साथ कम जाने-सुने वाले अशआर शामिल करके ऐसा गुलदस्ता तैयार किया गया है जिससे उनकी शायरी के बाग़ में शामिल तमाम फूलों की ख़ुशबुओं का लुत्फ़ लिया जा सके| व्याख्या के साथ ही मुश्किल अल्फ़ाज़ के अर्थ भी दिए गए हैं ताकि पाठक शेर के मूल अर्थ तक पहुँच सके और उसका आनन्द अपने तौर पर ले सके|

Farhat Ehsas

फ़रहत एहसास (फ़रहतुल्लाह ख़ाँ) बहराइच (उत्तर प्रदेश) में 25 दिसम्बर 1950 को पैदा हुए। अ’लीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्ति के बा’द 1979 में दिल्ली से प्रकाशित उर्दू साप्ताहिक ‘हुजूम’ का सह-संपादन। 1987 में उर्दू दैनिक ‘क़ौमी आवाज़’ दिल्ली से जुड़े और कई वर्षों तक उस के इतवार एडीशन का संपादन किया जिस से उर्दू में रचनात्मक और वैचारिक पत्रकारिता के नए मानदंड स्थापित हुए। 1998 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली से जुड़े और वहाँ से प्रकाशित दो शोध-पत्रिकाओं (उर्दू, अंग्रेज़ी) के सह-संपादक के तौर पर कार्यरत रहे। इसी दौरान उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो और बी.बी.सी. उर्दू सर्विस के लिए कार्य किया और समसामयिक विषयों पर वार्ताएँ और टिप्पणियाँ प्रसारित कीं। फ़रहत एहसास अपने वैचारिक फैलाव और अनुभवों की विशिष्टता के लिए जाने जाते हैं। उर्दू के अ’लावा, हिंदी, ब्रज, अवधी और अन्य भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी व अन्य पश्चिमी भाषाओं के साहित्य के साथ गहरी दिलचस्पी। भारतीय और पश्चिमी दर्शन से भी अंतरंग वैचारिक संबंध। सम्प्रति ‘रेख़्ता फ़ाउंडेशन’ में मुख्य संपादक के पद पर कार्यरत।
No Review Found
Similar Books
More from Author