Sanyam

Author :

Manav Kaul

Publisher:

HIND YUGM

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Publisher

HIND YUGM

Publication Year 2025
ISBN-13

9788119555024

ISBN-10 8119555023
Binding

Paperback

Number of Pages 192 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 22 X 14 X 1.2
Weight (grms) 140

‘हर पेंटिंग अपने भीतर एक चुप्पी छुपाए रखती है — और हर कलाकार, एक छुपी हुई कथा।‘


संयम एक ऐसे पेंटर की कहानी है, जो जीवन की भीड़ में भीतर से बिल्कुल अकेला है।


वह रंगों से अपनी दुनिया बनाता है, लेकिन जब वे भी चुप हो जाते हैं, तो उसे शब्दों का सहारा लेना पड़ता है।


उसकी एक दोस्त उसे कहती है—"लिखो। जो तुमने महसूस किया, जो कह नहीं पाए—उसे लिखो।"


यह उपन्यास उसी आत्म-संवाद की यात्रा है।


यह केवल एक कहानी नहीं है, बल्कि एक चित्रकार के भीतर की वह आवाज़ है, जो कभी पेंटिंग के ज़रिए नहीं निकल पाई।


यह उस गहरी खामोशी की भाषा है, जिसे हम सब कभी न कभी महसूस करते हैं—चाहे हम कलाकार हों या नहीं।


क्या एक लेखक एक पेंटर को समझ सकता है? क्या हम कभी किसी के रंगों की भाषा पढ़ सकते हैं? यही प्रश्न इस किताब के हर पन्ने में झलकता है।


संयम मानव कौल का सबसे आत्मिक और अंतरंग उपन्यास है—जहाँ कैनवास शब्द बन जाता है, और अकेलापन कहानी।

Manav Kaul

कश्मीर के बारामूला में पैदा हुए मानव कौल की परवरिश मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में हुई। 2004 में \'अरण्य’ नाम के एक ख़्वाब का जन्म हुआ। मानव के क़ाबिल निर्देशन में \'शक्कर के पाँच दाने’ और \'पार्क’ जैसे नाटकों के साथ \'अरण्य’ ने तेज़ी से देश-विदेश के थिएटर सर्किट में माक़ूल जगह बनाई। \'पीले स्कूटर वाला आदमी’ नाटक में मानव ने अपने लेखन में उस काव्यात्मक लहज़े और अंदाज़ को अपनाया जिसकी तुलना आलोचकों ने निर्मल वर्मा और विनोद कुमार शुक्ल की लेखन-शैली से की। 2003 में \'जजंत्रम ममंत्रम’ से फ़िल्मी करियर की शुरुआत हुई। 2013 में रिलीज़ हुई फ़िल्म \'काई पो चे’ में इनके अभिनय को ख़ूब सराहना मिली। 2016 में \'वज़ीर’ और \'जय गंगाजल’ में बड़े पर्दे पर इनके अभिनय की ख़ूब चर्चा रही। इनकी पहली किताब \'ठीक तुम्हारे पीछे’ साल 2016 की सर्वाधिक पसंद की गई कहानियों की किताब रही। यह इनकी दूसरी किताब है।
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