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Karta Ne Karm Se । कर्ता ने कर्म से (HB)

Author :

Manav Kaul

Publisher:

HIND YUGM

Rs239 Rs299 20% OFF

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Publisher

HIND YUGM

Publication Year 2021
ISBN-13

9788195106325

ISBN-10 8195106323
Binding

Hardcover

Edition 1st
Number of Pages 208 Pages
Language (Hindi)
Subject

Poetry

हम जितने होते हैं वो हमें हमसे कहीं ज़्यादा दिखाती है। कभी एक गुथे पड़े जीवन को कलात्मक कर देती है तो कभी उसके कारण हमें डामर की सड़क के नीचे पगडंडियों का धड़कना सुनाई देने लगता है। वह कविता ही है जो छल को जीवन में पिरोती है और हमें पहली बार अपने ही भीतर बैठा वह व्यक्ति नज़र आता है जो समय और जगह से परे, किसी समानांतर चले आ रहे संसार का हिस्सा है। कविता वो पुल बन जाती है जिसमें हम बहुत आराम से दोनों संसार में विचरण करने लगते हैं। हमें अपनी ही दृष्टि पर यक़ीन नहीं होता, हम अपने ही नीरस संसार को अब इतने अलग और सूक्ष्म तरीक़े से देखने लगते हैं कि हर बात हमारा मनोरंजन करती नज़र आने लगती है। —मानव कौल.

Manav Kaul

कश्मीर के बारामूला में पैदा हुए मानव कौल की परवरिश मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में हुई। 2004 में \'अरण्य’ नाम के एक ख़्वाब का जन्म हुआ। मानव के क़ाबिल निर्देशन में \'शक्कर के पाँच दाने’ और \'पार्क’ जैसे नाटकों के साथ \'अरण्य’ ने तेज़ी से देश-विदेश के थिएटर सर्किट में माक़ूल जगह बनाई। \'पीले स्कूटर वाला आदमी’ नाटक में मानव ने अपने लेखन में उस काव्यात्मक लहज़े और अंदाज़ को अपनाया जिसकी तुलना आलोचकों ने निर्मल वर्मा और विनोद कुमार शुक्ल की लेखन-शैली से की। 2003 में \'जजंत्रम ममंत्रम’ से फ़िल्मी करियर की शुरुआत हुई। 2013 में रिलीज़ हुई फ़िल्म \'काई पो चे’ में इनके अभिनय को ख़ूब सराहना मिली। 2016 में \'वज़ीर’ और \'जय गंगाजल’ में बड़े पर्दे पर इनके अभिनय की ख़ूब चर्चा रही। इनकी पहली किताब \'ठीक तुम्हारे पीछे’ साल 2016 की सर्वाधिक पसंद की गई कहानियों की किताब रही। यह इनकी दूसरी किताब है।
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