Shikshaprad Kathayein

Author:

Prof. Shrikant Prasoon

Publisher:

Gopu Books

Rs125 Rs195 36% OFF

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Publisher

Gopu Books

Publication Year 2018
ISBN-13

9789381588413

ISBN-10 9381588414
Binding

Paperback

Edition First
Number of Pages 64 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 24.2x18x0.5
Weight (grms) 144

बच्चों के सोच-विचार, मानसिक विकास और पूरे जीवन को प्रभावशाली बनाने के लिए, ‘नैतिक मूल्यों’ का होना बड़ा ही आवश्यक है। प्रस्तुत पुस्तक ‘शिक्षाप्रद कहानियाँ’ में यही ‘नैतिक-मूल्य’ छिपे हुए हैं। वास्तव में नैतिक-मूल्य ही बच्चे को एक अच्छा एवं समझदार इनसान बनाता है। इस पुस्तक में बच्चों को लुभाने वाली तीस रोचक और शिक्षाप्रद कहानियाँ प्रस्तुत की गयी हैं। हर कहानी के अन्त में एक ‘नैतिक-मूल्य’ दिया गया है, जिससे बच्चे को कहानी पर आधारित एक सीख भी मिलती है। कहानियाँ बड़े ही सरल भाषा में लिखी गयी हैं और मजेदार हैं। इसमें दी गयी कहानियाँ अपने बच्चों को पढ़कर सुनायें और खुद भी पढ़कर इन कहानियों का पूरा आनन्द उठायें तथा इनमें लिखे गये नैतिक-मूल्यों को अपने जीवन में अपनाकर उसे सुन्दर और सार्थक बनायें। हर बच्चे का सच्चा साथी! 

Prof. Shrikant Prasoon

Born in 1945, Prof. Prasoon served the Bihar University as a teacher of English from July 1972 to January 2005. Among his more than 50 published works, there are various collections of poems in Hindi, English, Sanskrit, Bhojpuri, besides many general books in Hindi and English. His works on Spirituality and Religion are among the bestsellers. His five books on Management have brought into light the ancient, remote, forgotten and effective theories of Management.
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