Buy Visaal ( Hindi), 9789373172095 at Best Price Online - Buy Books India

Visaal ( Hindi)

Author :

Rohit Singh

Publisher:

Manjul Publishing House Pvt Ltd

Rs187 Rs250 25% OFF

Availability: Available

Shipping-Time: Usually Ships 3-5 Days

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

Manjul Publishing House Pvt Ltd

Publication Year 2026
ISBN-13

9789373172095

ISBN-10 9373172093
Binding

Paperback

Number of Pages 102 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 100
Subject

Poetry

सायों से मैं सिवा रहा क़रीब धूप से शायद लिखा गया मेरा नसीब धूप से तेरा ख़याल यूँ है तस्व्वुर में दरख़्शाँ रौशन हूँ रात दिन मैं इक अजीब धूप से नर्मी की आँच भी है तपिश भी मिजाज़ में मिलता है किस तरह मेरा हबीब धूप से दिन भर की सोहबतें जला न दे इसीलिए रखते हैं दोस्ती सभी ग़रीब धूप से दरकार हरारत को बारिशों की है मगर मेरा इलाज कर रहे तबीब धूप से फिराई है नज़र जो मेरे आफ़ताब ने नहा रहा है आजकल रक़ीब धूप से

Rohit Singh

रोहित सिंह की शायरी रुमानियत, इश्क़, मा'नविय्यत और इंसानदोस्ती के फूलों से सजा वो गुलदस्ता है, जो पढ़ने वालों की आँखों में रंगीन चमक भी पैदा करता है और उनके ज़हनों में अपनी ख़ास ख़ुशबू भी फैलाता है। पर मुहब्बत और नर्म लहजे की इस शायरी में दर्द, तंज़ और तल्ख़ी के पहलू भी कभी-कभी ऐसे दस्तक देते हैं कि पढ़ने वालों को ज़िंदगी के मसाइल और सच्चाई की आहटें भी साफ़ सुनाई देती हैं। ज़्यादातर आसान लफ़्ज़ों की रौशनी से बना ये अलाव मीठी आँच भी देता है और नज़दीक जाने पर तमाज़त का अहसास भी कराता है।
No Review Found
Similar Books