| Publisher |
HIND YUGM |
| Publication Year |
2023 |
| ISBN-13 |
9789392820434 |
| ISBN-10 |
9392820437 |
| Binding |
Paperback |
| Edition |
1st |
| Number of Pages |
240 Pages |
| Language |
(Hindi) |
एक युवा घुमक्कड़ की एक संन्यासी से मुलाक़ात की यह कहानी देश और दुनियाभर के घुमक्कड़ों के लिए कुछ नए रास्ते खोलती है। एक साधु और घुमक्कड़ में बहुत सारी समानता होने के बावजूद सबसे बड़ी भिन्नता यह होती है कि एक घुमक्कड़ अपनी मामूली ज़रूरतों को साथ लेकर चलता है। साधु निरा ही फक्कड़ होता है, उसे किसी चीज़ की फ़िक्र नहीं होती है। अपने को जन्मजात घुमक्कड़ मानने वाले लेखक संजय शेफ़र्ड की यह किताब ‘ज़िंदगी ज़ीरो माइल’ यह रेखांकित करती है कि एक संन्यासी एवं घुमक्कड़ की मुलाक़ात एक तरह से घुमक्कड़ी और फक्कड़ी का ही एक संयोग है। हिमालय की पहाड़ियों की ख़ूबसूरत यात्रा करके लौटे संजय शेफ़र्ड की यह घुमक्कड़-कथा ‘अथातो घुमक्कड़ जिज्ञासा’ की परंपरा को एक नया आयाम देती है।
Sanjaya Shepherd
संजय शेफ़र्ड—
लेखक और घुमक्कड़। देश-दुनिया में कभी मतलब तो कभी बेमतलब घूमते रहते हैं। कुछ साल पहले तक घूमना शौकिया शुरू हुआ था पर धीरे-धीरे यह इनका पैशन बन गया।
जन्म गोरखपुर में हुआ। शुरुआती शिक्षा नवोदय विद्यालय से प्राप्त की। फिर मास कम्यूनिकेशन में बैचलर और मास्टर करने के बाद बालाजी टेलीफ़िल्म, रेडियो मिर्ची और बीबीसी ट्रेवल में काम किया।
साल 2023 में प्रकाशित हुआ इनका उपन्यास ‘ज़िंदगी ज़ीरो माइल’ पाठकों के बीच ख़ूब सराहा गया।
‘विष्णु प्रभाकर साहित्य सम्मान 2024’ से सम्मानित।
वर्तमान में घुमक्कड़ी और स्वतंत्र रूप से लेखन करते हैं।
Sanjaya Shepherd
HIND YUGM