Bhagwan Mahavir ( Hindi)

Author :

Sirshree

Publisher:

Manjul Publishing House Pvt Ltd

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Publisher

Manjul Publishing House Pvt Ltd

Publication Year 2024
ISBN-13

9788183227803

ISBN-10 8183227805
Binding

Paperback

Number of Pages 184 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 20 x 14 x 4
Weight (grms) 270
महावीर कौन हैं? वर्धमान कौन हैं? आप कौन हैं? महावीर कौन हैं? कोई महाबली हो तो क्या उसे महावीर कहा जाए..? कोई हिमालय पर्वत चढ़ता है तो क्या उसे महावीर कहा जाए..? कोई चाँद पर गया हो तो क्या उसे महावीर कहा जाए..? महावीर वह, जिसका मन अंदर स्थापित हो गया है. जिन्होंने मन पर काम किया है, वे जानते हैं कि मन को अंदर लगाना वीरता का कार्य है. मन को अंदर टिकाने की कोशिश की तो मन यहाँ-वहाँ भागने लगता है. जिस प्रकार जंगली हाथी को प्रशिक्षण देने के लिए भरपूर बल और समझ के अंकुश की आवश्यकता पड़ती है, उसी प्रकार मन को वश में करने के लिए अति वीरता की आवश्यकता पड़ती है. भगवान महावीर ने लोगों को सत्य तक पहुँचाया. उन्होंने लोगों को 'तप, अहिंसा व् साधना' का मार्ग बताया जिससे मन को अहिंसक बनाया जा सके. इस पुस्तक में आप जानेंगे : • भगवान महावीर द्वारा लिए गए पाँच संकल्प, पाँच व्रत और संघ के आठ नियम • मन पर जीत कैसे प्राप्त करें • तपस्या का सच्चा अर्थ • भगवान महावीर का क्रांतिकारी दृष्टिकोण

Sirshree

सरश्री की आध्यात्मिक खोज का सफर उनके बचपन से प्रारंभ हो गया था i इस खोज के दौरान उन्होंने अनेक प्रकार की पुस्तकों का अध्ययन किया i इसके साथ ही अपने आध्यात्मिक अनुसंधान के दौरान अनेक ध्यान पद्धतियों का अभ्यास किया i उनकी इसी खोज ने उन्हें कई वैचारिक और शैक्षणिक संस्थानों की ओर बढ़ाया i जीवन का रहस्य समझने के लिए उन्होंने एक लम्बी अवधि तक मनन करते हुए अपनी खोज जारी रखी, जिसके अंत में उन्हें आत्मबोध प्राप्त हुआ i सरश्री ने दो हज़ार से अधिक प्रवचन दिए हैं और सत्तर से अधिक पुस्तकों की रचना की है, जिन्हें दस से अधिक भाषाओँ में अनुवादित किया जा चुका है i
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