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| Publisher | Rajkamal Prakashan |
| Publication Year | 2021 |
| ISBN-13 | 9789392757273 |
| ISBN-10 | 9392757271 |
| Binding | Hardcover |
| Number of Pages | 360 Pages |
| Language | (Hindi) |
| Dimensions (Cms) | 22 × 14.5 × 2 |
| Weight (grms) | 510 |
| Subject | Novel |
1984 सर्वसत्तावादी शासन के खतरों से आगाह करने वाला विश्वविख्यात उपन्यास है। यह अनिवार्यत: विचार और भाषा के सम्बन्धों पर केन्द्रित एक कृति है। जाहिर है, जब विचार और भाषा एक-दूसरे को प्रभावित करते हों तो यह परिघटना किसी कालखंड में बँधी नहीं रह सकती। जब-जब कोई विचार विशेष सत्ता में होगा, उससे जुड़ी शब्दावली भी वापस प्रचलन में आएगी। यही बात इस उपन्यास को सार्वकालिक नहीं बनाती है और, उसको सर्वोपरि बनाए रखने के लिए अगर व्यवस्था को नागरिकों से भी महत्त्वपूर्ण मान लिया जाएगा तब किसी राज्य और समाज के लोगों को करना एक ऐसी परिस्थिति का सामना करना पड़ेगा, जहाँ कोई प्रत्यक्ष जंजीर भले न हो, लेकिन आज़ादी नहीं होगी; जीवन भले हो पर कोई गरिमा न होगी।
George Orwell
,Abhishek Srivastava (translator)
Rajkamal Prakashan