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Droh (Hindi)

Author :

Om Prakash Shukla

Publisher:

SARVATRA

Rs169 Rs199 15% OFF

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Publisher

SARVATRA

Publication Year 2026
ISBN-13

9789373172866

ISBN-10 9373172867
Binding

Paperback

Number of Pages 150 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 20 x 18 x 1.2
Subject

Novel

इस पुस्तक की सबसे अच्छी बात है इस कथा का मनुष्य जीवन से सरोकार, उस पर सोने पर सुहागा यह कि यह लेखक के आत्यंतिक मानवीय चिंतन प्रक्रिया से उपजा है। ये इस कथा की दो सशक्त भुजाएं हैं। इन दिनों भारतीय समाज अत्यंत छोटे ग्रामों से पलायन करके कस्बों की ओर, कस्बों से नगर की ओर, नगर से महानगर की ओर तथा महानगर से मेट्रोपॉलिटीन सिटी तक पहुँच रहा है। वह देश छोड़कर विदेश में पहुँच जाता है किंतु अंततः हम सब अपनी जड़ों से कटकर भी पुरखों की उस मिट्टी को विस्मृत नहीं कर पाते और वह मनुष्य को जीवन भर अपनी ओर खींचती रहती है। दूसरी ओर उस ग्राम का समाज नहीं चाहता कि नगर को पलायन कर चुका व्यक्ति दोबारा अपने अनुभवों को लेकर गाँव में आए। निश्चय ही इसके पीछे कई मनोविज्ञान काम करते हैं। इन सब घटनाओं को एक सूत्र में पिरोकर लेखक ने 'द्रोह' उपन्यास की आधारशिला रखी है। यह पुस्तक इस बात की आश्वस्ति देती है कि प्रेरक लेखन जब सामाजिक, राष्ट्रीय और सार्वभौम सरोकार के साथ अवतरित होता है तो पाठक भी उसका स्वस्ति वाचन करते हैं । - डॉ. विकास दवे निदेशक, साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल

Om Prakash Shukla

इस पुस्तक के लेखक डॉ. ओम प्रकाश शुक्ल उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के मूल निवासी हैं। उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ से प्राप्त की है। डॉ. शुक्ल को श्रम कानून तथा औद्योगिक सम्बन्ध में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा, एलएलबी एवं समाज विज्ञान में पीएच.डी (मानद) की उपाधि भोपाल विश्वविद्यालय (बरकतउल्ला विश्वविद्यालय) ने प्रदान की है। डॉ. शुक्ल ने विश्वविख्यात फार्मास्युटिकल कंपनी ल्युपिन लिमिटेड, मण्डीदीप, भोपाल के मानव संसाधन विभाग में वरिष्ठ प्रबंधक-औद्योगिक सम्बन्ध के पद पर रहकर लगभग 34 वर्ष तक सक्रिय योगदान दिया है। डॉ. शुक्ल ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (अहमदाबाद) द्वारा संचालित प्रबंधन विकास के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर मानव संसाधन विकास / प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष योग्यता अर्जित की है। उन्होंने जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (XLRI) के मानव संसाधन सम्मेलन में भी भाग लिया है। उनकी साहित्य एवं लेखन में स्कूली शिक्षा के समय से ही गहरी रुचि है। इनकी कविताएँ एवं लेख विभिन्न समाचार-पत्रों में प्रकाशित हुए हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनकी पहली पुस्तक 'नौ-रस' (कविता संग्रह) जनवरी, 2023 में प्रकाशित हुई और दूसरी पुस्तक 'कहना बाकी है। (कविता संग्रह) सितम्बर, 2023 में प्रकाशित हुई है। दोनों ही पुस्तकें ऐमेज़ॉन, फ़िल्पकार्ट एवं अन्य प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं। 'नौ-रस' बेस्टसेलर पुस्तकों की सूची में स्थान दर्ज करा चुकी है और यह भारत के अलावा अन्य देशों में भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
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