| Publisher |
SARVATRA |
| Publication Year |
2023 |
| ISBN-13 |
9789355433435 |
| ISBN-10 |
9355433433 |
| Binding |
Paperback |
| Number of Pages |
128 Pages |
| Language |
(Hindi) |
| Weight (grms) |
120 |
| Subject |
Poetry |
धड़कन पैदा करके स्पंदन बन के सागर की लहरों जैसा अठखेली करते जीवन जी लें उसमें क्या रखा है जिसकी चाहत सबको है हम दोनों अद्भुत हैं विरले हैं तब तो लिखते-पढ़ते रहते हैं यादों को शब्दों से सींचा करते हैं सुनते और सुनाते हैं वीणा के तारों जैसा उसको झंकृत करते रहते हैं जल-थल-नभ के मिलने जैसा दृश्य बना है आओ, नाचें सपने में यादों को संचित करके हो प्रलय-विलय उनका सपने में राही बस चलता जा उन लम्हों में।
Om Prakash Shukla
इस पुस्तक के लेखक डॉ. ओम प्रकाश शुक्ल उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के मूल निवासी हैं। उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ से प्राप्त की है। डॉ. शुक्ल को श्रम कानून तथा औद्योगिक सम्बन्ध में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा, एलएलबी एवं समाज विज्ञान में पीएच.डी (मानद) की उपाधि भोपाल विश्वविद्यालय (बरकतउल्ला विश्वविद्यालय) ने प्रदान की है। डॉ. शुक्ल ने विश्वविख्यात फार्मास्युटिकल कंपनी ल्युपिन लिमिटेड, मण्डीदीप, भोपाल के मानव संसाधन विभाग में वरिष्ठ प्रबंधक-औद्योगिक सम्बन्ध के पद पर रहकर लगभग 34 वर्ष तक सक्रिय योगदान दिया है। डॉ. शुक्ल ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (अहमदाबाद) द्वारा संचालित प्रबंधन विकास के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर मानव संसाधन विकास / प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष योग्यता अर्जित की है। उन्होंने जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (XLRI) के मानव संसाधन सम्मेलन में भी भाग लिया है। उनकी साहित्य एवं लेखन में स्कूली शिक्षा के समय से ही गहरी रुचि है। इनकी कविताएँ एवं लेख विभिन्न समाचार-पत्रों में प्रकाशित हुए हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनकी पहली पुस्तक 'नौ-रस' (कविता संग्रह) जनवरी, 2023 में प्रकाशित हुई और दूसरी पुस्तक 'कहना बाकी है। (कविता संग्रह) सितम्बर, 2023 में प्रकाशित हुई है। दोनों ही पुस्तकें ऐमेज़ॉन, फ़िल्पकार्ट एवं अन्य प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं। 'नौ-रस' बेस्टसेलर पुस्तकों की सूची में स्थान दर्ज करा चुकी है और यह भारत के अलावा अन्य देशों में भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
Om Prakash Shukla
SARVATRA