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Jhooth Ki Patang: Kavita Sangrah (Hindi)

Author :

Om Prakash Shukla

Publisher:

SARVATRA

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Publisher

SARVATRA

Publication Year 2024
ISBN-13

9789355435941

ISBN-10 9355435940
Binding

Paperback

Number of Pages 98 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 22 X 14 X 1.2
Weight (grms) 90
Subject

Poetry

राष्ट्रीय और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत दस्तावेज - झूठ की पतंग ओम प्रकाश शुक्ल जी की कृति 'झूठ की पतंग' एक ऐसा काव्य संग्रह है जिसमें श्री शुक्ल ने अपने जीवनानुभवों को अपनी भावमसी देकर कागजों पर उतारा है। मूलतः यह सभी रचनाएं द्वंद्व की दिखाई देती हैं किंतु इनके भीतर की आर्द्रता आपको हर पल भिगोएगी। वह एकदम निर्भय होकर अपने हृदय की बात कहते हैं और पूरी निष्ठा के साथ अपनी आध्यात्मिक मान्यताओं को भी स्वर देते जाते हैं। इतना ही नहीं, उनकी राष्ट्रीय चेतना विश्व गुरु जैसी कविताओं में उफन कर बाहर आती नजर आती है। वह अपने राष्ट्र को हर दृष्टि से शक्तिशाली देखना चाहते हैं। उन्हें देश का एक भी अंग कमजोर होना स्वीकार नहीं। मैं उनकी इस राष्ट्रभक्ति और धार्मिक चेतना से ओतप्रोत लेखनी को प्रणाम करता हूँ। मेरी अनंत शुभकामनाएं। - डॉ. विकास दवे, निदेशक, साहित्य अकादमी, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल

Om Prakash Shukla

इस पुस्तक के लेखक डॉ. ओम प्रकाश शुक्ल उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के मूल निवासी हैं। उन्होंने समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ से प्राप्त की है। डॉ. शुक्ल को श्रम कानून तथा औद्योगिक सम्बन्ध में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा, एलएलबी एवं समाज विज्ञान में पीएच.डी (मानद) की उपाधि भोपाल विश्वविद्यालय (बरकतउल्ला विश्वविद्यालय) ने प्रदान की है। डॉ. शुक्ल ने विश्वविख्यात फार्मास्युटिकल कंपनी ल्युपिन लिमिटेड, मण्डीदीप, भोपाल के मानव संसाधन विभाग में वरिष्ठ प्रबंधक-औद्योगिक सम्बन्ध के पद पर रहकर लगभग 34 वर्ष तक सक्रिय योगदान दिया है। डॉ. शुक्ल ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (अहमदाबाद) द्वारा संचालित प्रबंधन विकास के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर मानव संसाधन विकास / प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष योग्यता अर्जित की है। उन्होंने जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट (XLRI) के मानव संसाधन सम्मेलन में भी भाग लिया है। उनकी साहित्य एवं लेखन में स्कूली शिक्षा के समय से ही गहरी रुचि है। इनकी कविताएँ एवं लेख विभिन्न समाचार-पत्रों में प्रकाशित हुए हैं। साहित्य के क्षेत्र में उनकी पहली पुस्तक 'नौ-रस' (कविता संग्रह) जनवरी, 2023 में प्रकाशित हुई और दूसरी पुस्तक 'कहना बाकी है। (कविता संग्रह) सितम्बर, 2023 में प्रकाशित हुई है। दोनों ही पुस्तकें ऐमेज़ॉन, फ़िल्पकार्ट एवं अन्य प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं। 'नौ-रस' बेस्टसेलर पुस्तकों की सूची में स्थान दर्ज करा चुकी है और यह भारत के अलावा अन्य देशों में भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
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