Allamprabhu : Pratibha Ka Shikhar

Author :

Kashinath Ambalge

Publisher:

LOKBHARTI PRAKASHAN

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Publisher

LOKBHARTI PRAKASHAN

Publication Year 2019
ISBN-13

9788194364870

ISBN-10 8194364876
Binding

Hardcover

Number of Pages 116 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 22 X 14 X 1.5

अज्ञान रूपी पालने में


ज्ञान रूपी शिशु सुलाकर


सकल वेदशास्त्र रूपी रस्सी से बाँधकर झूला,


झुलाती हुई पालने


लोरी गा रही है, भ्रान्ति रूपी माई!


जब तक पालना न टूटे, रस्सी न कटे


लोरी बन्द न हो


तब तक गुहेश्वर लिंग के दर्शन नहीं होंगे॥


अल्लम सृजनशीलता के प्रति विश्वास रखते हैं कि ‘नि:शब्द ज्ञान क्या शब्दों की साधना से सम्भव है?’


बहती नदी को देह भर पाँव


जलती आग को देह भर जिह्वा


बहती हवा को देह भर हाथ


अतः गुहेश्वर, तेरे शरण का सर्वांग लिंगमय है॥

Kashinath Ambalge

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