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Kranti Ka Sapna

Author :

Bimal Prasad

,

Sujata Prasad

Publisher:

VANI PRAKSHAN

Rs396 Rs495 20% OFF

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Publisher

VANI PRAKSHAN

Publication Year 2026
ISBN-13

9789373482941

ISBN-10 9373482947
Binding

Paperback

Number of Pages 330 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 450
Subject

Biographies & Autobiographies

यह किताब गहरे प्रेम और गहन शोध से उपजी है। इसका स्वर आत्मीय है और यह तटस्थ विश्लेषण से भी नहीं चूकती। इस जीवनी में व्यक्तिगत और राजनीतिक, निजी और सार्वजनिक का दुर्लभसमन्वय है। यह किताब लिखती है कि जेपी ने मध्य-रात्रि की सन्तानों की एक पूरी पीढ़ी के भीतर अलख जगा दी थी और उन्हें लोकतान्त्रिक राजनीति के भीतर एक कहीं बड़ा स्वप्न देखने की शक्ति दी थी। कांग्रेस के भीतर वैचारिक संघर्ष की ज्योति जगाने वाले और सम्पूर्ण क्रान्ति का आह्वान करने वाले जेपी नारायण विपक्ष के लिए आज भी एक चमत्कारिक प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं। आज के समय में इससे अधिक प्रासंगिक राजनीतिक जीवनी नहीं हो सकती। - राज कमल झा 'जेपी की ज़िन्दगी के कई अनछुए पहलू हैं, जिन्हें लेकर लोगों की जिज्ञासा अधिक है, जानकारी कम। राजनीति से इतर जेपी की ज़िन्दगी के इन पहलुओं को समझने की ज़रूरत आज भी है। यह किताब इस बड़ी ज़रूरत को पूरा करती है। इस किताब की शुरुआत सुप्रसिद्ध इतिहासकार बिमल प्रसाद ने की थी, उसे अंजाम तक पहुँचाया उनकी सुपुत्री और विदुषी सुजाता प्रसाद ने। यह किताब पिता-पुत्री का साझा प्रयास है जेपी को हमारे नज़दीक लाने का। यह किताब भारतीय राजनीति में जेपी के योगदान पर एक नयी समझ को हमारे सामने रखती है। सबसे बढ़कर, आप इस किताब को पुत्री द्वारा पिता को श्रद्धांजलि भी कह सकते हैं। - सलिल मिश्र क्रान्ति का सपना एक भारतीय क्रान्ति-साधक की रोमांचक जीवन यात्रा की आत्मीय प्रस्तुति है। सुजाता प्रसाद को जेपी को बहुत लम्बे समय तक अपने पिता के निकटतम नायक और मित्र के रूप में जानने का दुर्लभ अवसर मिला था। तथ्यों की नवीनता और प्रामाणिकता के कारण जेपी को समझने के लिए यह एक अनिवार्य पुस्तक है। - प्रोफ़ेसर आनन्द कुमार यह उन विभूति की रोमांचकारी कथा है जो महात्मा गांधी के बाद भारत की राजनीतिक अन्तरात्मा के सबसे महान संरक्षक थे। जो अपने मार्गदर्शक की तरह टूटे सपने, बिखरे आदर्श और भुला दिये गये संकल्पों को लेकर एकाकी मृत्यु की गोद में समा गये। जयप्रकाश नारायण का असाधारण जीवन बार-बार पढ़े जाने, सुनाये जाने, और दोहराये जाने योग्य है। और इस कर्म के लिए बिमल प्रसाद की पुत्री से बेहतर कौन हो सकता था? - गोपालकृष्ण गांधी

Bimal Prasad

Professor Bimal Prasad is Honorary Director, Rajendra Prasad Academy and Honorary Fellow, Nehru Memorial Museum and Library (both in New Dehli).

Sujata Prasad

सुजाता प्रसाद एक पूर्व प्रशासक, लेखिका, क्यूरेटर, कला स्तम्भकार और विरासत संरक्षणकर्ता हैं। उनका कार्य और शोध सामुदायिक स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका और दृश्य एवं प्रदर्शन कला जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है। वे रचनात्मक संवाद के मंच, अहद अनहद की संस्थापक हैं। सेंट स्टीफंस कॉलेज और जेएनयू में पढ़ाई के बाद उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ में अध्ययन किया और स्वास्थ्य सुरक्षा पर एक महत्त्वपूर्ण खण्ड का लेखन किया। 2017 में उनकी पहली जीवनी प्रकाशित हुई। कला शिक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उनके द्वारा देश-विदेश के संग्रहालयों में आयोजित प्रदर्शनियों और उनके मोनोग्राफ और कैटलॉग में परिलक्षित होती है।
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