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Shayari Ya Shor

Author :

Sanjeev Bhargava

Publisher:

Prabhat Prakashan

Rs255 Rs300 15% OFF

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Publisher

Prabhat Prakashan

Publication Year 2026
ISBN-13

9788168342101

ISBN-10 8168342100
Binding

Paperback

Number of Pages 112 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 200
Subject

Poetry

यह संग्रह जीवन की विविध भावनाओं, आकांछाओ, इच्छाओं अपेछाओं तथा संबंधों को सरल, संवेदनशील और काव्यात्मक शैली में अभिव्यक्त करता है। यह संग्रह दैनिक जीवन के अनुभवों को एक नवीन दृष्टि से देखने का प्रयास है, जो पाठक को ठहरकर विचार करने और साधारण में असाधारण का बोध कराने के लिए प्रेरित करता है।

मानवीय संवेदना और व्यवहार की सूक्ष्म समझ इस संग्रह में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है, जिससे प्रत्येक रचना हृदय, मस्तिष्क अथवा आत्मा को सामाजिक-किसी-न-किसी स्तर पर गहरा स्पर्श करती है।

प्रेम, विरह, मित्रता, राजनीतिक परिदृश्य, सेवानिवृत्ति, स्वप्न तथा पौराणिक संदर्भों की समकालीन व्याख्या- इन सभी विषयों को समेटे यह संग्रह आज के पाठकों के लिए अत्यंत प्रासंगिक और चिंतन-परक है। यह पुस्तक उन पाठकों के लिए है, जो शायरी में सरलता के साथ-साथ गहनता और शब्दों के माध्यम से जीवन के सच्चे अनुभवों का स्पर्श प्राप्त करना चाहते हैं।

Sanjeev Bhargava

संजीव भार्गव एक मध्यमवर्गीय परिवार में पले-बड़े हुए। हालाँकि परिवार में किसी की भी दिलचस्पी कला और शायरी में नहीं थी, परंतु संजीव भार्गव को शुरू से ही शब्दों के खेल ने आकर्षित किया। सेंट कोलंबस और सेंट स्टीफंस जैसी संस्थाओं ने इस दिलचस्पी को थोड़ी हवा दी और यार-दोस्तों की हौसला-अफ़ज़ाई ने इसे बरकरार रखा। चूँकि तालीम अंग्रेज़ी माध्यम से प्राप्त की थी, इसलिए शुरुआती दौर में शायरी अंग्रेज़ी में ही लिखी। हिंदुस्तानी में शायरी लिखने का शौक तब लगा, जब उन्होंने दूरदर्शन पर मुशायरे और कवि सम्मेलन देखे । हिंदी और उर्दू में हाथ तंग था, पर शायरी ने अपनी भाषा से जुड़ने का मौका दिया। उनकी शायरी अलफ़ाज़ पर कम और ख़याल पर अधिक तवज्जो देती है। एडवरटाइजिंग की दुनिया में काम करते हुए जिंदगी के कई पहलुओं को नज़दीक से देखने का मौका मिला और इसी तजुर्बे से निकली शायरी पुस्तक में पेश है।
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