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Punjabi Pravasi Kahaniyan (Hindi)

Author :

Gopal Arora

,

Jasvinder Kaur Bindra

Publisher:

Prabhat Prakashan Pvt Ltd

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Publisher

Prabhat Prakashan Pvt Ltd

Publication Year 2024
ISBN-13

9789355627285

ISBN-10 9355627289
Binding

Hardcover

Number of Pages 224 Pages
Language (Hindi)
Weight (grms) 350
Subject

Indian Writing

पंजाबी प्रवासी कहानी वह कहानी है, जो विदेशों में रह रहे कहानीकारों की ओर से अपनी मातृभाषा पंजाबी में रची जाती है। पंजाबी साहित्य-जगतू में प्रवासी कहानी का अपना उल्लेखनीय स्थान और विशिष्टता है। इसने पंजाबी कहानी के दायरे को विशाल और समृद्ध किया है । इन कहानियों का रचना-स्थान अमरीका, इंग्लैंड व कनाडा जैसे देश हैं, जहाँ लंबे समय से पंजाबी बसे हुए हैं। प्रवास, आवास और डायस्पोरा जैसे शब्द देखने में काफी निकट लगते हैं, परंतु इनके भीतरी अर्थों की परतें इन्हें आपस में जोड़ती हैं और विभिनन्‍नता भी दरशाती हैं । पंजाबी प्रवासी कहानी के मुख्य सरोकार अतीत से जुड़े हैं। इसके अधिकतर विषय पंजाब की विरासत, संस्कृति, राजनीतिक चेतना और नस्लीय भेदभाव रहे। प्रवास में लंबा समय रहने के बावजूद अपने घर, अपनी जड़ों के प्रति उनका प्रेम व दूरी का अहसास उनके लेखन के केंद्र में रहा और उन्हें बेचैन करता रहा। पंजाबी साहित्य में पंजाबी प्रवासी कहानी का अपना एक अलग स्थान है। इस संग्रह में पच्चीस कहानियों को सम्मिलित किया गया है। इस प्रक्रिया में यह प्रयास किया गया है कि ग्लोबल स्तर पर जहाँ-जहाँ भी प्रवासी पंजाबी बसते हैं, उन सभी देशों व स्थानों को प्रतिनिधित्व दिया जा सके। अपनी धरती, अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति व परिवेश से भावनात्मक लगाव से सृजित ये भावूपूर्ण कहानियाँ पाठकों के मन-मस्तिष्क में स्थान बना लेंगी।

Gopal Arora

अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद्‌ के मानद सचिव और दिल्‍ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु नानक देव खालसा कॉलेज में विगत 42 वर्षों से अध्यापन कार्य। प्रवासी विषयों के विशेषज्ञ, देश-विदेश में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का आयोजन भारत सरकार के ‘भारत को जानो’ (के.आई.पी.) कार्यक्रम के अंतर्गत भारत आए प्रवासी भारतीय युवाओं के साथ अनेक कार्यशालाओं का आयोजन ।

Jasvinder Kaur Bindra

हिंदी-पंजाबी भाषाओं में समान रूप से समालोचना, अनुवाद और मौलिक लेखन। 70 से अधिक अनूदित पुस्तकें प्रकाशित। पंजाबी आलोचना की 4 मौलिक पुस्तकों के साथ हिंदी व पंजाबी में 40 से अधिक पुस्तकों में आलेख संकलित । साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर लेखन। अनेक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सेमीनार और गोष्ठियों में सहभागिता । दिल्‍ली यूनिवर्सिटी के पंजाबी विभाग सहित अनेक कॉलेजों में अध्यापन। श्री गुरु नानक देव खालसा कॉलेज, करोल बाग में (2015-2023) अध्यापन। संप्रति भाषा-विशेषज्ञ और अनुवादक के तौर पर कार्य ।
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