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Soor Sanchayita

Author :

Manager Pandey

Publisher:

Rajkamal Prakashan

Rs188 Rs250 25% OFF

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Publisher

Rajkamal Prakashan

Publication Year 2012
ISBN-13

9788126722570

ISBN-10 9788126722570
Binding

Hardcover

Number of Pages 168 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 20 x 14 x 4
Weight (grms) 358
Subject

Indian Writing

Book discription is not available

Manager Pandey

जन्म: 23 सितम्बर, 1941 को बिहार प्रान्त के वर्तमान गोपालगंज जनपद के एक गाँव ‘लोहटी’ में हुआ। शिक्षा: आरम्भिक शिक्षा गाँव में तथा उच्च शिक्षा काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हुई, जहाँ से उन्होंने एम.ए. और पी-एच.डी. की उपाधियाँ प्राप्त कीं। प्रमुख पुस्तकें: शब्द और कर्म, साहित्य और इतिहास: ष्टि, साहित्य के समाजशास्त्र की भूमिका, भक्ति आन्दोलन और सूरदास का काव्य, अनभै साँचा, आलोचना की सामाजिकता, संकट के बावजूद (अनुवाद, चयन और सम्पादन) देश की बात (सखाराम गणेश देउस्कर की प्रसिद्ध बांग्ला पुस्तक ‘देशेर कथा’ के हिन्दी अनुवाद की लम्बी भूमिका के साथ प्रस्तुति), मुक्ति की पुकार (सम्पादन), सीवान की कविता (सम्पादन)। प्रमुख सम्मान/पुरस्कार: हिन्दी अकादमी द्वारा दिल्ली का साहित्यकार सम्मान, राष्ट्रीय दिनकर सम्मान, रामचंद्र शुक्ल शोध संस्थान, वाराणसी का गोकुल चन्द्र शुक्ल पुरस्कार और दक्षिण भारत प्रचार सभा का सुब्रह्मण्य भारती सम्मान। मैनेजर पाण्डेय ने हिन्दी में एक ओर ‘साहित्य और इतिहास: ष्टि’ के माध्यम से साहित्य के बोध, विश्लेषण तथा मूल्यांकन की ऐतिहासिक: ष्टि का विकास किया है तो दूसरी ओर ‘साहित्य के समाजशास्त्र’ के रूप में हिन्दी में साहित्य की समाजशास्त्रीय: ष्टि के विकास की राह बनाई है। उन्होंने भक्त कवि सूरदास के साहित्य की समकालीन संदर्भों में व्याख्या कर भक्तियुगीन काव्य की प्रचलित धारणा से अलग एक सर्वथा नई तर्काश्रित प्रासंगिकता सिद्ध की है। हिन्दी में दलित साहित्य और स्त्री स्वतंत्रता के समकालीन प्रश्नों पर बहसें हुई हैं, उनमें पाण्डेय जी की अग्रणी भूमिका को बार-बार रेखांकित किया गया है। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के भाषा संस्थान के भारतीय भाषा केन्द्र से सेवानिवृत्त। सम्प्रति: स्वतंत्र लेखन। सम्पर्क: बी डी/8ए, डीडीए फ्लैट्स, मुनीरका, नई दिल्ली-67
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