Buy आधुनिक नारी एवं खुशहाल परिवार, 9789350576151 at Best Price Online - Buy Books India

आधुनिक नारी एवं खुशहाल परिवार

Author :

Sheela Saluja

Publisher:

V&S Publishers

Rs207 Rs295 30% OFF

Availability: Available

Shipping-Time: Usually Ships 1-3 Days

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

V&S Publishers

Publication Year 2019
ISBN-13

9789350576151

ISBN-10 9789350576151
Binding

Paperback

Edition FIRST
Number of Pages 88 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 24x18x0.5
Weight (grms) 220
Subject

Family & Relationships

परिवार की गृहिणी एक नाविक की तरह है। एक कुशल नाविक अपनी नाव को सुरक्षित रूप से सुरक्षित तट पर ले जाता है, इसे सफलतापूर्वक नदी की लहरों, समुद्र, विपरीत दिशाओं से आने वाली हवाओं और भंवरों से बचाता है। एक कुशल गृहिणी अपने परिवार की नाव को अपने चातुर्य, भौतिकता के साथ ले जाती है। शक्ति, ज्ञान, मनोयोग, अव्यक्त आदर्श, चतुराईपूर्ण उपाय और दुनिया के विपरीत किनारे पर धीरज और कठोर थंप और भंवरों से उन्हें बचाते हुए। गृहिणी परिवार की सुख, समृद्धि और प्रतिष्ठा का केंद्र है। बच्चों के बौद्धिक विकास से, पति को प्यार, प्रेरणा और शक्ति प्रदान करने और परिवार के सदस्यों की ससुराल आदि की देखभाल करने में गृहिणी का महत्वपूर्ण योगदान है। गृहिणी की उपस्थिति के कारण ही एक घर एक घर का रूप लेता है। जीवन का केंद्र घर है और घर का केंद्र गृहिणी है। केवल एक कुशल गृहिणी ही परिवार के विकास, सुख और शांति की दिशा निर्धारित करती है। प्रस्तुत पुस्तक में स्त्री को आधुनिक जीवन की धुरी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज महिलाएं वर्तमान सामाजिक व्यवस्था में मजबूती से अपनी स्थिति प्रस्तुत करने में सक्षम हैं। वर्तमान समय की महिलाओं को एक कुशल गृहिणी के रूप में असाधारण और उल्लेखनीय बनाने के लिए सबसे उपयोगी उपायों का सुझाव देने के लिए यह पुस्तक एक अद्वितीय मार्गदर्शक है।

Sheela Saluja

शीला सलूजा स्त्री विषयों की गहरी सूझ-बुझ रखने वाली प्रखर लेखिका है गृहशोभा , मनोरमा, सरिता, अमर उजाला, ट्रिब्यून, राजस्थान पत्रिका, जागरण, ग्रहलक्षमी जैसी देश की प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं मे उनकी ३५० से भी अधिक रचनाओ प्रकाशित हो चुकी है इसी प्रकार शिक्षा तथा समाज एवं मनोविज्ञान विषयो मे पारंगत लेखक चुन्नीलाल सलूजा की ३३ वर्षो मे लगभग १६०० रचनाएँ छप चुकी है राष्ट्रपति पदक तथा अन्य अनेक पुस्तकारो द्वारा सम्मानित लेखक पत्नी शीला जी के साथ तथा स्वतंत्र लेखक के तौर पर अभी तक इनकी आधा दर्जन से अधिक पुस्तके प्रकाशित हो चुकी है
No Review Found
Similar Books
More from Author