आप भी मेरिट में आ सकते हैं

Author:

Dr. Prakash Chandra Gangrade

Publisher:

V & S Publisher

Rs156 Rs195 20% OFF

Availability: Available

    

Rating and Reviews

0.0 / 5

5
0%
0

4
0%
0

3
0%
0

2
0%
0

1
0%
0
Publisher

V & S Publisher

Publication Year 2011
ISBN-13

9789381448625

ISBN-10 9381448620
Binding

Paperback

Edition FIRST
Number of Pages 152 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 21x13x0.5
Weight (grms) 174

वर्तमान समय में शिक्षा का महत्व बहुत बढ़ गया है। उसी प्रकार, उच्चतर श्रेणी में अच्छे अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करना भी अनिवार्य हो गया है। जो छात्र मेरिट में स्थान बनाते है, उन्हें ही हाथों-हाथ लिया जाता है। रोजगार के अवसर चाहे जितने कम हो, श्रेष्ठता-सूची में ऊंचा स्थानपाने वाले छात्रों को कोई चाह कर भी नहीं रोक सकता। ऐसे छात्रों को सोर्स, सिफारिस या रिश्वत की कमी भी आवश्यकता नहीं होती। परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने के लिए जो छात्र भरपूर प्रयत्न करते हैं, उन्हें अपने करियर में भी सर्वोच्च स्थान प्राप्त होता है। योग्यता बनाने के लिए केवल दो मूलमंत्र हैं– दृढ़ इरादे और कड़ी मेहनत। शेष सभी लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सिर्फ उपकरण हैं। अब आपको घबराने या निराश होने की जरूरत नहीं है। परीक्षा के भूत भागाए और तैयार मे जुट जाएं।


मेरिट में आने वाले छात्र बाद में अपने परिवार को वित्तीय ताकत प्रदान करते हैं, समाज में प्रतिष्ठा हासिल करते हैं और क्षेत्र में कर्मियों और प्रबंधन के बीच लोक प्रिय हो जाते हैं। जाने-माने लेखक, डॉ प्रकाशचंद्र गंगराड़े ने अपनी किताब आप भी मेरिट में आ सकते हैं में ऐसे ठोस उपाय और तकनीक का सुझाव दिया है कि आप वास्तव में उनका अनुसरण करके योग्यता में अपना स्थान बना सकते हैं। उन्हें भी कोशिश करें, फिर देखिए, किस तरह सफलता आपके कदम चूमने लगेगी। 

Dr. Prakash Chandra Gangrade

डॉ. प्रकाशचंद्र गंगराड़े की लगभग 350 रचनाओं ने देश की अनेक प्रतिष्ठा पत्र-पत्रिकाओं मे स्थान बनाया है। यूनीवार्ता एवं पब्लिकेशन सिटीकेट जैसी एजेंसियों के माध्यम से भी इनकी रचनाएं प्रकाश मे आई है। आकाशवाणी भोपाल केंद्र से इनकी 75 से अधिक वार्ताएं प्रसारित हो चुकी है। विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओ मे अनेक पुरस्कार प्राप्त कर इन्होने विघारत्न, साहित्यालंकार, साहित्य कला विघालंकार, साहित्यश्री जैसी उपाधियाँ प्राप्त करने मे भी सफलता पाई है। अपने सुलेखन के लिए सभी के बीच निरंतर प्रशंशित हुए है।
No Review Found
More from Author