स्वस्थ रहने के 51 सुझाव

Author:

Dr. Prakash Chandra Gangrade

Publisher:

V & S Publisher

Rs145 Rs250 42% OFF

Availability: Available

Publisher

V & S Publisher

Publication Year 2018
ISBN-13

9789381448434

ISBN-10 9381448434
Binding

Paper Back

Edition FIRST
Number of Pages 163 Pages
Language (Hindi)
Dimensions (Cms) 21x14x1
Weight (grms) 216

आज हम प्रकृति प्रदत्त नहीं, बल्कि कृत्रिम जीवन जी रहे हैं। हवा-पानी दूषित है, खान-पान की वस्तुओं और दाल-मसालों में मिलावट है, फल-सब्जियाँ भी संकर आ रही हैं। बुरी आदतें, या वस्तुओं के गलत इस्तेमाल भी आपके स्वास्थ्य को बिगाड़ सकते हैं। सदा इससे बचिए और जागरूक रहिए।


यदि शरीर स्वस्थ नहीं, तो मन स्वस्थ नहीं रह सकता और मन स्वस्थ नहीं, तो विचार स्वस्थ नहीं होंगे। ऐसे में कर्म क्षेत्र में चाक-चौबन्द रहकर उन्नति कैसे कर पायेंगे? इसीलिए कहा गया है कि पहला सुख निरोगी काया। हर तरह से अपने स्वास्थ्य को उन्नत रखो, तो जीवन और जगत में भी उन्नति के शिखर पाओगे। आपका स्वास्थ्य सदा आप ही के हाथ में है। केवल आवश्यकता है स्वास्थ्य के प्रति सदा सजग रहने और सार्थक उपायों पर अमल करने की। अंग्रेजी में कहावत है- Prevention is better than Cure, यानी सुरक्षा और बचाव चिकित्सा से बेहतर है।


डॉ- प्रकाशचंद्र गंगराड़े की पुस्तक ‘स्वस्थ रहने के 51 सुझाव’ हर घर में तथा हर उम्र के सदस्य के लिए वरदान है। इसमें बताया गया है कि आपके रोजमर्रा जीवन में कौन-सी चीजें घातक हैं, जो आपके स्वास्थ्य को नष्ट कर सकती हैं, उनसे कैसे बचा जा सकता है या उनके स्थान पर किन चीजों को किस प्रकार इस्तेमाल करना चाहिए। उपायों के रूप में इसमें ढेरों गुर और नुस्खे भी हैं, जो आपको हर तरह से लाभ पहुँचाएँगे। यह पुस्तक आपके स्वास्थ्य की गारण्टी है। इसे अवश्य अपनायें।

Dr. Prakash Chandra Gangrade

डॉ. प्रकाशचंद्र गंगराड़े की लगभग 350 रचनाओं ने देश की अनेक प्रतिष्ठा पत्र-पत्रिकाओं मे स्थान बनाया है। यूनीवार्ता एवं पब्लिकेशन सिटीकेट जैसी एजेंसियों के माध्यम से भी इनकी रचनाएं प्रकाश मे आई है। आकाशवाणी भोपाल केंद्र से इनकी 75 से अधिक वार्ताएं प्रसारित हो चुकी है। विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओ मे अनेक पुरस्कार प्राप्त कर इन्होने विघारत्न, साहित्यालंकार, साहित्य कला विघालंकार, साहित्यश्री जैसी उपाधियाँ प्राप्त करने मे भी सफलता पाई है। अपने सुलेखन के लिए सभी के बीच निरंतर प्रशंशित हुए है।
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